तुम्हें किसने कहा कि पेड़ छांव बेचा करते हैं।
तू जिगरी दोस्त है, हर दर्द मेरा बाँटता है,
तेरे बिना तो ये ज़िंदगी, एक खाली सा अंधेरा है।
न जाने इस ज़िंदगी की राह में कब कौन अकेला हो जाए,
“बीते लम्हों की तासीर अलग है, यादें तेरी दोस्ती का असर अलग है।”
“तेरी दोस्ती फूलों सी महकती, हर लम्हा दिल को भाती।”
वो अब टूटकर गिर गया है, जैसे कांच का टुकड़ा।
सच्चे दोस्त वो होते हैं जो तुम्हारी हर गलती पर हँसते हैं,
रिश्ता-ए-इश्क़ भी है याद की ज़ंजीर भी है
पर रोज़ गालियाँ देने वाले कमीने दोस्त ज़रूर हैं।
अक्सर प्यार में दोस्ती कम Dosti Shayari हो जाती है दोस्तों,
दोस्त वही है जो हर सांचे से बाहर निकले।
क्या ये शायरी बचपन या स्कूल के दोस्तों के लिए उपयुक्त हैं?
यारी – जिसके बिना ज़िंदगी का सफ़र अधूरा है। इन फ्रेंडशिप शायरियों में मिलेंगी वो बातें जो “दोस्ती” शब्द की हदें तोड़ कर दिलों को जोड़े रहती हैं। चाहे वो रात-भर की गप्पें हों या मुसीबत में साथ-खड़ी परछाईं, हर शे’र में छिपी होगी दोस्त होने की ख़ूबसूरत ज़िम्मेदारी और गर्व।